आहे! री ज़िंदगी तेरी माया, मोह में तूने मनुष्यों को फँसाया, समझ ना पाया कोई तेरी काया, अचानक से हँसा... आहे! री ज़िंदगी तेरी माया, मोह में तूने मनुष्यों को फँसाया, समझ ना पाया कोई तेरी...
इंसान की जिंदगी में कई प्रेरणास्रोत, उनके जीवन मुल्य उतारता अपने भीतर, कई बार होता का इंसान की जिंदगी में कई प्रेरणास्रोत, उनके जीवन मुल्य उतारता अपने भीतर, कई ...
आयेगा कैसे सत मानवता आज की आवश्यकता। आयेगा कैसे सत मानवता आज की आवश्यकता।
वो मेरी डायरी ही है जिसमें मुझसे जुड़े किस्से बेशुमार है। वो मेरी डायरी ही है जिसमें मुझसे जुड़े किस्से बेशुमार है।
नमन करती है लेखनी, आज शहीदों के नाम। नमन करती है लेखनी, आज शहीदों के नाम।
जब लोग बड़े तो होते हैं,पर बड़े नही होते! जब लोग बड़े तो होते हैं,पर बड़े नही होते!